स्मार्टफोन फोटोग्राफी के इस दौर में सिर्फ एक बेहतरीन फोटो खींचना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे सही तरीके से एडिट करना भी उतना ही जरूरी हो गया है। आज के समय में हमारे फोन में पहले से मौजूद गैलरी ऐप्स इतने ताकतवर हो चुके हैं कि थर्ड-पार्टी ऐप्स की जरूरत लगभग खत्म हो गई है। जब मुफ़्त और इन-बिल्ट टूल्स की बात आती है, तो Apple Photos vs Google Photos की बहस सबसे आगे रहती है। आइफोन और एंड्रॉइड दोनों ही यूजर्स अपने फोन में मिलने वाले इन एडिटिंग फीचर्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि कलर करेक्शन, ऑब्जेक्ट रिमूवल और लाइटिंग कंट्रोल के मामले में कौन सा प्लेटफॉर्म बिना कोई अतिरिक्त पैसा लिए ज्यादा बेहतर फीचर्स देता है?
अगर आप अपनी तस्वीरों में रोशनी और रंगों को बारीक तरीके से बदलना पसंद करते हैं, तो दोनों ऐप्स का नज़रिया अलग है। ऐप्पल फोटोज यूजर को गहराई से नियंत्रण देने पर ध्यान केंद्रित करता है। इसमें एक्सपोजर, हाईलाइट्स, शैडो, कॉन्ट्रास्ट और वाइब्रेंस जैसे दर्जनों स्लाइडर्स मिलते हैं, जो बहुत ही स्मूथली काम करते हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह फोटो के प्राकृतिक लुक को बिगड़े बिना लाइटिंग को बेहतर बनाता है।
दूसरी तरफ, गूगल फोटोज ऑटोमैटिक सुधारों पर ज्यादा भरोसा करता है। इसका 'Enhance' बटन एक सिंगल टैप में फोटो के रंगों और ब्राइटनेस को संतुलित कर देता है। हालांकि इसमें भी मैनुअल स्लाइडर्स मौजूद हैं, लेकिन ऐप्पल की तुलना में वे थोड़े सीमित महसूस हो सकते हैं।
प्रोफेशनल फोटो एडिटिंग का अनुभव चाहने वालों के लिए ऐप्पल का मैनुअल कंट्रोल Google Photos के ऑटोमैटिक टूल्स से ज्यादा भरोसेमंद साबित होता है।
तस्वीर से अनचाही चीजों या लोगों को हटाना आज का सबसे लोकप्रिय फीचर बन चुका है। गूगल ने अपने 'Magic Eraser' (मैजिक इरेजर) फीचर से इस सेगमेंट में काफी बढ़त हासिल की है। अब यह फीचर सभी एंड्रॉइड और आईओएस यूजर्स के लिए Google Photos ऐप में मुफ्त उपलब्ध है। यह एआई की मदद से बैकग्राउंड की अवांछित वस्तुओं को बहुत सफाई से गायब कर देता है।
दूसरी ओर, ऐप्पल ने हाल ही में अपने नए iOS अपडेट्स में इंटेलिजेंट ऑब्जेक्ट रिमूवल (जैसे Clean Up टूल) को शामिल करना शुरू किया है, लेकिन यह केवल नए और समर्थित डिवाइसेस तक ही सीमित है। पुराने आइफोन मॉडल्स में डिफ़ॉल्ट रूप से इतना ताकतवर इरेज़र टूल मुफ़्त में नहीं मिलता।
इंटरफेस के मामले में दोनों ऐप्स अपनी-अपनी जगह बेहतरीन हैं:
संक्षेप में कहें तो, Apple Photos vs Google Photos की इस लड़ाई में कोई एक स्पष्ट विजेता नहीं है, बल्कि यह आपकी व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। यदि आप एक क्लिक में स्मार्ट AI एडिटिंग, मैजिक इरेजर और क्विक फिक्स चाहते हैं, तो Google Photos आपके लिए सबसे सही विकल्प है। वहीं अगर आप हर एक शैडो और हाईलाइट पर बारीक नियंत्रण चाहते हैं और फोटो का नेचुरल लुक बनाए रखना पसंद करते हैं, तो ऐप्पल फोटोज का मुफ़्त एडिटिंग टूल सेट आपके लिए बेहतरीन साबित होगा।
आप अपनी रोज़मर्रा की तस्वीरों को एडिट करने के लिए किस ऐप का उपयोग करते हैं? हमें नीचे कमेंट्स में जरूर बताएं!









